इमरजेंसी मदद
तुरंत 112 पर कॉल करें
112 भारत का राष्ट्रीय इमरजेंसी नंबर है। कई राज्यों में 108 भी एम्बुलेंस से जोड़ता है। एम्बुलेंस व्यवस्था क्षेत्र के अनुसार अलग होती है।
इंतज़ार करते समय
- लक्षण शुरू होने का समय नोट करें, या व्यक्ति आख़िरी बार कब ठीक दिखे थे।
- व्यक्ति को सुरक्षित और आराम से रखें। अगर वे सुस्त हैं या उल्टी कर रहे हैं, तो उन्हें करवट पर लिटाएँ।
- उनकी दवाओं की सूची और रिपोर्ट अस्पताल ले जाने के लिए इकट्ठा करें।
- एम्बुलेंस टीम से कहें कि उन्हें पास के उस अस्पताल ले जाएँ जहाँ स्ट्रोक का इलाज होता है।
देर न करें
- लक्षण अपने आप ठीक होने का इंतज़ार न करें।
- डॉक्टर के कहे बिना मुँह से खाना, पानी या कोई दवा न दें।
- मदद बुलाने से पहले घरेलू नुस्ख़ों में समय न गँवाएँ।
यह वेबसाइट इमरजेंसी डिस्पैच सेवा नहीं है और एम्बुलेंस नहीं भेज सकती। इमरजेंसी में हमेशा 112 पर कॉल करें।
स्ट्रोक के चेतावनी संकेत सीखें →